फ्लाई दुबई विमान में चाकू से हमला, भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने दिखाई बहादुरी; 180 यात्रियों की जान बचाने में निभाई अहम भूमिका
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई गंभीर घटना के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। विमान में चाकू से किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक डायवर्ट किया गया, जहां कैप्टन स्मित का उपचार चल रहा है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा हीरो बताया। नेतन्याहू के अनुसार, हमले के दौरान घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद की। इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साहसिक कार्रवाई से विमान में सवार लोगों की जान बचाने में मदद मिली।
पीएम मोदी ने परिवार से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छर के माता-पिता और पत्नी से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने उनके साहस की सराहना करते हुए परिवार को भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशन उनकी हरसंभव सहायता कर रहा है। उन्होंने कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और लोगों से भी उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने की अपील की।
एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कैप्टन स्मित ने जिस धैर्य, समझदारी और साहस का परिचय दिया, उस पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने बताया कि इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी पायलट की भूमिका की सराहना की है।
तबुक के अस्पताल में चल रहा इलाज
सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा में भारतीय कॉन्सुलेट जनरल ने कैप्टन स्मित की स्थिति पर नजर बनाए रखी है। भारतीय मिशन के मुताबिक, पायलट को उत्तर-पश्चिम सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका जरूरी उपचार चल रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
भारतीय मिशन ने कहा है कि वह कैप्टन स्मित के परिवार के लगातार संपर्क में है और सऊदी अधिकारियों के साथ समन्वय कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
हमले के बावजूद नहीं डिगे पायलट
इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि कैप्टन स्मित पर विमान के भीतर चाकू से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने यात्रियों और क्रू की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाई। इजराइली राजनयिक रूवेन अजार ने भी भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि पायलट के साथ इजराइली और अमीराती यात्रियों तथा क्रू सदस्यों के साहस ने बड़ी घटना को टालने में मदद की।
‘स्मित मच्छर’ नाम को लेकर भी चर्चा
घटना के बाद भारतीय पायलट के उपनाम की वर्तनी को लेकर भी सोशल मीडिया और खबरों में अलग-अलग रूप सामने आए हैं। कहीं मच्छर, मछार, माछर और मक्कड़ जैसे रूप लिखे गए हैं। अंग्रेजी में उनका नाम Smit Machchhar लिखा गया है।
गुजराती शब्दकोशों और पुराने स्थानीय समाचारों में ‘મચ્છર’ उपनाम का इस्तेमाल मिलता है। इसका देवनागरी रूप ‘मच्छर’ होता है। वहीं कुछ पुराने समाचारों में ‘મછાર’ यानी ‘मछार’ रूप भी देखने को मिलता है। ऐसे में अंग्रेजी वर्तनी के आधार पर उच्चारण तय करना उचित नहीं माना जा सकता।
फिलहाल पारिवारिक सूत्रों से उच्चारण की स्पष्ट पुष्टि होने तक ‘स्मित मच्छर’ लिखना उपयुक्त है। उपनाम की व्युत्पत्ति को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय स्थानीय और पारिवारिक उच्चारण की पुष्टि को प्राथमिकता देना बेहतर होगा।