सहारनपुर में आयोजित हुआ वृहद विधिक साक्षरता एवं जनकल्याणकारी शिविर

न्याय एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता-जनपद न्यायाधीश

  • जागरूकता के माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में ऐसे शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका-मुख्य विकास अधिकारी
  • स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, जनपद में लगभग 12 हजार एनआरएलएम समूह गठित-मुख्य विकास अधिकारी

          सहारनपुर (रोज़ाना ब्यूरो)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सहारनपुर के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश मनोज कुमार राय के निर्देशन में तथा मुख्य अतिथि के रूप में उनकी उपस्थिति में, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार पाइनवुड स्कूल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया।

          कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शेर सिंह कक्कड़, चेयरमैन स्थाई लोक अदालत मनोज कुमार सिंह, अपर जिला जज मोहम्मद अहमद खान, अपर जिला जज विकास गुप्ता, अपर जिला जज सुबोध भारती, पूर्णकालिक सचिव आशुतोष तिवारी सहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल त्यागी एवं सचिव श्री पालम राणा द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।

          कार्यक्रम के शुभारंभ पर माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू रानी चौहान, प्रशासनिक न्यायमूर्ति, सहारनपुर द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद से वीडियो क्लिप के माध्यम से अपने आशीर्वचन से मेगा शिविर में उपस्थित आमजन को संबोधित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूर्णकालिक सचिव आशुतोष तिवारी ने किया।

          मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मनोज कुमार राय ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विधिक अधिकारों का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। केवल कानून बनाना और उसकी जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों, कानूनी प्रक्रियाओं तथा सरकारी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले लाभों की जानकारी एवं उनका लाभ प्राप्त होना भी आवश्यक है।

          उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय, विभिन्न न्यायालयों एवं सरकार का निरंतर प्रयास है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आमजन को न्याय एवं विधिक सहायता सरल, सुलभ और प्रभावी रूप में उपलब्ध कराई जाए। इसी उद्देश्य से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए ऐसे वृहद शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। न्यायिक व्यवस्था, विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी अथवा जागरूकता के अभाव में अपने अधिकारों एवं योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

          उन्होंने उपस्थित जनसमूह से शिविर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने तथा विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर अपनी समस्याओं का समाधान कराने एवं पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस विशाल शिविर में जिला प्रशासन सहारनपुर की पूरी टीम एवं विभिन्न विभागों की मशीनरी एक साथ उपस्थित है। विद्यालय के विशाल प्रांगण में केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए हैं, ताकि आमजन को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन एवं लाभ उपलब्ध कराया जा सके। अंत में उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला न्यायालय सदैव आमजन के साथ हैं तथा प्रत्येक जरूरतमंद को न्याय, विधिक सहायता एवं उसके अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

          मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि इस वृहद शिविर के माध्यम से शासन, प्रशासन एवं न्यायिक व्यवस्था के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक स्वरूप दिखाई दे रहा है। यहां समस्त माननीय न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति एवं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का उद्देश्य आमजन को न्याय सुलभ कराने के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

          मेगा शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित विभिन्न सरकारी विभागों, जैसे स्वयं सहायता समूह, आजीविका मिशन, अग्रणी बैंक, एनआरएलएम, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, दिव्यांगजन विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग, पशुपालन विभाग, श्रमायुक्त विभाग, यूपीपीसीएल, नेडा, बिजली विभाग, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, क्षेत्रीय मृदा परीक्षण/कल्चर प्रयोगशाला, खाद्य एवं रसद विभाग, उद्यान विभाग, कृषि विभाग, दुग्धशाला विकास विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक, डाक विभाग, राजस्व विभाग, समाज कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, परिवहन विभाग, मत्स्य विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, डूडा, कौशल विकास एवं रेशम विभाग आदि द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए।

          वृहद विधिक साक्षरता शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव श्री आशुतोष तिवारी ने निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, आदिवासियों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए कोई भी आय सीमा निर्धारित नहीं है। पुरुषों के लिए तीन लाख रुपये वार्षिक आय तक के व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त उन्होंने मध्यस्थता, राष्ट्रीय लोक अदालत सहित अनेक कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी।

          इस अवसर पर अपर जिला जज लखविन्द्र सिंह सूद, मनीष कुमार, मोहित शर्मा, निशांत देव, श्रीमती अर्चना यादव, श्रीमती मिर्जा जीतनित, संजय कुमार, प्रबोध कुमार वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सौरम श्रीवास्तव सहित न्यायिक अधिकारीगण, जिला प्रोबेशन अधिकारी डी.पी. सिंह, जिला दिव्यांगजन अधिकारी अजय कुमार, जिला सूचना अधिकारी दिलीप कुमार गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती शिवांका गौड़ सहित काफी संख्या में प्रशासनिक अधिकारीगण, एलएडीसीएस, पैनल लॉयर, मध्यस्थगण, पीएलवी, जिला न्यायालय के कर्मचारीगण, पाइनवुड स्कूल के स्टाफ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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