सहारनपुर निगम का 997 करोड़ 31 लाख 81 हजार रुपये का पुनरीक्षित बजट पारित

महापौर डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में नगर निगम इतिहास का सबसे बड़ा पुनरीक्षण बजट निगम कार्यकारणी में पारित

          सहारनपुर (रोज़ाना ब्यूरो)। महापौर डॉ. अजय सिंह की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड कार्यकारणी की बैठक में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 997 करोड़ 31 लाख 81 हजार रुपये का पुनरीक्षित बजट परित किया गया। यह बजट नगर निगम इतिहास का सबसे बड़ा पुनरीक्षित बजट है जो मूल बजट से 244 करोड़ 55 लाख रुपये ज्यादा है। चर्चा के दौरान पार्षदों ने बजट की प्रशंसा करते हुए सर्वसम्मति से बजट पारित किया। बजट में शहर के सौंदर्यीकरण पर फोकस करते हुए उद्यान विभाग के बजट में दो गुणा बढ़ोत्तरी की गयी है। यानि एक ओर जहां 31 मार्च तक महानगर सहारनपुर में निर्माण कार्य तेजी से कराये जायेंगे वहीं सौंदर्यीकरण के साथ शहर का चेहरा भी सुधारा जायेगा। बजट से अलग महानगर के दस वार्डो के 11 निर्माण कार्यो तथा जलनिगम के दो कार्यो के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गयी।
         लेखाधिकारी डॉ. मनोज त्रिपाठी ने कार्यकारणी के समक्ष वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 997 करोड़ 31 लाख 81 हजार रुपये का पुनरीक्षित बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह मूल बजट से 244 करोड़ 19 लाख रुपये ज्यादा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अपनी ग्रांट में लगभग 62 करोड़ रुपये की वृद्धि की है। इसके अतिरिक्त दो नये शासकीय अनुदान प्राप्त हुए है, इनमें उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा निधि में 02 करोड़ 11 लाख 20 हजार की प्राप्ति तथा केंद्र सरकार के शैलो एक्यूफर मैनेजमेंट के अंतर्गत 50 लाख अतिरिक्त प्राप्त हुए है।
         लेखाधिकारी ने कार्यकारणी को बताया कि निगम के अनेक विभागों के बजट मद में वृद्धि की गयी है। अधिष्ठान व्यय में 125 करोड़ 45 लाख के स्थान पर 142 करोड़ 45 लाख का प्रावधान किया गया है। पथ प्रकाश में 18 करोड़ 07 लाख के स्थान पर 21 करोड़ 65 लाख, निर्माण विभाग के लिए 284 करोड़ 15 लाख के स्थान पर 297 करोड़ 15 लाख का प्रावधान किया गया है। महानगर के सौंदर्यीकरण के लिए उद्यान का बजट 06 करोड़ 18 लाख से बढ़ाकर लगभग दो गुणा करते हुए 11 करोड़ 43 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अंतर्गत गमले, पौधारोपण और डिवाइडर आदि के लिए बजट एक करोड़ से चार गुणा बढ़ाते हुए 04 करोड़ तथा पार्को की चारदीवारी, सौलर लाइट, रेलिंग व पेंटिंग आदि के साथ सौंदर्यीकरण करने के लिए बजट को एक करोड से तीन करोड़ करते हुए इसमें तीन गुणा वृद्धि की गयी है।
         लेखाधिकारी ने बताया कि बजट में जलकल विभाग में पाइप लाईन मरम्मत और नई पाइप लाईन के लिए 10 करोड़ रुपये में वृद्धि करते हुए 12 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि बजट में 32 गांवों के विकास के लिए अलग से 06 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 07 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उल्लेखनीय है कि यह राशि 31 मार्च 2027 तक सभी विभागों को शहर के निर्माण और सौंदर्यीकरण व पेयजल आदि व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए खर्च की जानी है।

पार्षदों ने उठाए मुद्दे और दिए सुझाव

  •  कार्यकारणी में पार्षद मंसूर व चौ. वीरसेन सिद्धू ने दीपावली एवं अन्य पर्वो पर विशेष सफाई व्यवस्था तथा पथ प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर दिया। उपसभापति मयंक गर्ग ने पुल दाल मण्डी, पुल खुमरान, बेहट रोड से साईं मंदिर तक अतिक्रमण की ओर घ्यान दिलाया। पार्षद सुधीर पंवार ने वार्ड 34 में विकास की गति बढ़ाने की मांग की तथा ढमोला किनारे रेलवे की जमीन पर गंदगी व्याप्त होने से बीमारियां फैलने की आशंका जतायी। महापौर ने अधिकारियों को इस सम्बंध में रेलवे को पत्र लिखने के निर्देश दिए। एक पार्षद के सवाल पर पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि श्वानों के लिए एक हजार की क्षमता वाले एक एनिमल सेंटर का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। टेण्डर सम्बंधी एक पार्षद के सुझाव पर महापौर डॉ. अजय कुमार ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कितने कार्यो के टेण्डर हो चुके है, कितनों पर कार्य शुरु हो चुका है तथा कितने कार्य अधूरे है, इसकी सूची उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा पार्षद ज्योति अग्रवाल, सुलेख चंद, गौरव कपिल, महमूद ने भी अपने-अपने वार्डो की समस्याएं उठाते हुए उनके समाधान पर जोर दिया।
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