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दिल्ली में रेखा सरकार का ‘ग्रीन बजट’

सड़कों के विकास, फ्लाईओवर, अंडरपास और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणा

        नई दिल्ली (पवन सहयोगी)। दिल्ली की रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में दिल्ली के लिए 1,03,700 करोड़ का बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण को खास प्राथमिकता दी है। बजट में पहली बार एमसीडी को 11,666 करोड़ और दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। छात्राओं को साइकिल, मेधावी छात्रों को लैपटॉप और सड़कों को धूल मुक्त करने के लिए बड़े फंड का प्रावधान किया गया है दिल्ली सरकार ने इस बार के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण सुधार को प्राथमिकता दी है। सरकार ने इसे ‘ग्रीन बजट’ बताते हुए सड़कों के विकास, फ्लाईओवर, अंडरपास और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणा की है।
ग्रीन बजट पर फोकस: दिल्ली सरकार ने बजट का करीब 21 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण सुधार और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी योजनाओं के लिए निर्धारित किया है। इसके तहत हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण कम करने और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।
एमसीडी को बड़ा फंड: नगर निगम को 11,666 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इसका इस्तेमाल शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर करने, सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।
धूल मुक्त सड़कें: राजधानी की 700 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों को बेहतर बनाने और धूल कम करने के लिए 1,392 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसका उद्देश्य सड़क की गुणवत्ता सुधारना है।
सड़कों को अतिरिक्त बजट: दिल्ली की सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए एमसीडी को 1,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त देने का प्रावधान किया गया है। इससे मुख्य सड़कों के साथ-साथ कई आंतरिक मार्गों की भी मरम्मत और सुधार का काम तेज किया जाएगा।
नए फ्लाईओवर-कॉरिडोर: दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने के लिए कई नए फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं से यात्रियों का समय बचेगा और शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू होगी।
डबल डेकर फ्लाईओवर: पूर्वी दिल्ली में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए भजनपुरादृयमुना विहार डबल डेकर फ्लाईओवर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके पूरा होने से इस इलाके में जाम की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
बारापुला फेज-3 परियोजना होगी पूरी: बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3 को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
लोनी रोड अंडरपास के लिए 100 करोड़: लोनी रोड पर अंडरपास बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। इसके निर्माण से इस मार्ग पर ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्रियों को आने-जाने में आसानी होगी।
यमुनापार पर जोर: यमुना पार इलाके के विकास के लिए यमुना विकास बोर्ड को 300 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इस राशि से सड़कों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जाएगा।
फुट ओवर ब्रिज निर्माण: पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर नए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके लिए 25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है ताकि व्यस्त सड़कों पर लोगों को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिले।

  • बजट में किस विभाग को कितना मिलेगा ?
  •  बजट में 74,000 करोड़ रुपये कर राजस्व का अनुमान लगाया गया है, जबकि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के लिए 11,666 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  •  बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 5,921 करोड़ रुपये जबकि शहरी विकास एवं आश्रय परियोजनाओं के लिए 7,887 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • बिजली विभाग के लिए 3,942 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ‘ओवरहेड’ बिजली तारों को हटाने के लिए अलग से 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • यमुना पार क्षेत्र के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये, जबकि दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के लिए 787 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
  • शहर में धूल-मुक्त सड़कों के विकास के लिए 1,352 करोड़ रुपये रखे गए हैं जिसके तहत 750 किलोमीटर सड़कों की ‘एंड-टू-एंड रिकार्पेटिंग’ (एक छोर से दूसरे छोर तक पूरी सतह को उखाड़कर या उसके ऊपर डामर की एक नई एवं मजबूत परत बिछाना।
  • बजट में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 160 करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया गया है।
  • नजफगढ़ नाले के लिए 454 करोड़ रुपये जबकि एमएलएएलएडी के लिए 350 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
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