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उत्तराखंड की सड़क व्यवस्था में बड़ा बदलाव: नए फ्लाईओवर, सर्विस लेन और एलिवेटेड कॉरिडोर से सफर होगा सुरक्षित व सुगम

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद डाटकाली-गणेशपुर पुरानी सड़क वन विभाग को सौंपी गई, देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर सात फ्लाईओवर और 44 किमी सर्विस लेन का निर्माण शुरू

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य शुरू हो गए हैं। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के संचालन के साथ जहां डाटकाली से गणेशपुर तक की पुरानी सड़क वन विभाग को वापस सौंप दी गई है, वहीं देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर सात नए फ्लाईओवर, 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन और फुट ओवरब्रिज के निर्माण कार्य भी शुरू हो चुके हैं।

पुरानी सड़क अब वन विभाग के हवाले

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के तहत डाटकाली से गणेशपुर के बीच लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार होने के बाद पुरानी सड़क पर आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। अब केवल मोहंड गांव तक ही वाहनों को जाने की अनुमति होगी, जबकि इसके आगे का मार्ग वन विभाग के नियंत्रण में रहेगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यह सड़क औपचारिक रूप से वन विभाग को सौंप दी है और इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को भी दे दी गई है, ताकि सभी वाहनों को नए एलिवेटेड कॉरिडोर की ओर डायवर्ट किया जा सके।

वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा लाभ

एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ ने बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण केवल तेज यातायात के लिए नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया गया है। बरसाती नदी के ऊपर बने इस कॉरिडोर से जंगल के प्राकृतिक मार्ग बाधित नहीं होंगे और वन्यजीवों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहेगी। पुरानी सड़क बंद होने से वन क्षेत्र में मानवीय हस्तक्षेप भी कम होगा।

देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर बड़े निर्माण कार्य शुरू

लगातार बढ़ते ट्रैफिक और दुर्घटनाओं को देखते हुए देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर व्यापक सड़क सुरक्षा योजना लागू की गई है। इसके तहत सात नए फ्लाईओवर, दोनों ओर सर्विस लेन तथा पैदल यात्रियों के लिए फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।

यह परियोजना अगले ढाई वर्षों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

सात फ्लाईओवर और 44 किलोमीटर सर्विस लेन

नई योजना के तहत जाखन पुल, जीवनगढ़, मियांवाला, छिद्दरवाला और रायवाला सहित प्रमुख स्थानों पर कुल सात फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इनमें जीवनगढ़ और रायवाला में दो-दो फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं।

परियोजना का सबसे बड़ा निर्माण मियांवाला से नकरौंदा तक लगभग 2.25 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर होगा। इसके अलावा हाईवे के दोनों ओर लगभग 44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन विकसित की जाएगी, जिससे स्थानीय और मुख्य यातायात को अलग-अलग संचालित किया जा सकेगा। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए दो फुट ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे।

जाम और दुर्घटनाओं से मिलेगी राहत

परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर यातायात अधिक तेज और सुगम होगा। वहीं देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर फ्लाईओवर, सर्विस लेन और फुट ओवरब्रिज बनने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

आधुनिक परिवहन और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ

परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि ये परियोजनाएं उत्तराखंड में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएंगी। सरकार का उद्देश्य विकास और प्राकृतिक संतुलन के बीच समन्वय स्थापित करते हुए यात्रियों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराना है।

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