- ज्योतिर्मठ पुनर्वास कार्यों की एनडीएमए ने की समीक्षा
- प्रगति से एनडीएमए संतुष्ट, समस्याओं का किया समाधान
- कहा-स्थानीय लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है एनडीएमए
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की सदस्य सुश्री रीता मिस्सल तथा सदस्य श्री दिनेश कुमार असवाल ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में ज्योतिर्मठ भूधंसाव के उपरांत संचालित पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। एनडीएमए के सदस्यों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं।
बैठक में 2025 में घटित विभिन्न आपदाओं के उपरांत किए गए पीडीएनएन-2025 के अंतर्गत स्वीकृत 811 करोड़ रुपये की धनराशि को प्राथमिकताओं के आधार पर व्यय किए जाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस मद में 182.67 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त राज्य को प्राप्त हो चुकी है। एनडीएमए के सदस्यों ने निर्देश दिए कि उपलब्ध धनराशि का शीघ्र, प्रभावी एवं परिणामोन्मुख उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।