देहरादून में दिनदहाड़े कारोबारी की निर्मम हत्या, पटेलनगर थाने से 150 मीटर दूर घर में चाकू से वार; आरोपी गिरफ्तार
देहरादून।
राजधानी देहरादून में बुधवार शाम हुई एक सनसनीखेज हत्या ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पटेलनगर कोतवाली से महज 150 मीटर की दूरी पर स्थित देवऋषि एन्क्लेव में 48 वर्षीय कारोबारी दीपक गुप्ता की उनके घर के भीतर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घटना के बाद परिजनों की सूझबूझ से आरोपी को कमरे में ही बंद कर दिया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे मौके से हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, शाम करीब पांच बजे माजरा निवासी 21 वर्षीय रोहन प्रजापति दीपक गुप्ता से मिलने उनके घर पहुंचा। दोनों के बीच बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि रोहन ने चाकू से दीपक पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान दीपक की चीख सुनकर पहली मंजिल पर रह रहे उनके छोटे भाई राकेश गुप्ता और परिवार के सदस्य नीचे पहुंचे। कमरे में आरोपी को हथियार के साथ देखकर राकेश की पत्नी मीनाक्षी ने तुरंत बाहर से कमरे की कुंडी लगा दी और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक दीपक गुप्ता ट्रेडिंग और फाइनेंस का कार्य करते थे तथा उनका कई लोगों से आर्थिक लेन-देन था। पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे वित्तीय विवाद को प्रमुख कारण मानकर जांच कर रही है, हालांकि अन्य सभी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी रोहन प्रजापति बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। पूछताछ में उसने शेयर ट्रेडिंग सीखने के बहाने दीपक के संपर्क में आने की बात कही है, लेकिन उसके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए हैं। पुलिस दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
दिनदहाड़े और थाने से बेहद कम दूरी पर हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।
सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।