भारत में आएंगे प्लास्टिक के नोट! RBI ने शुरू की तैयारी, 2028 तक ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोट होंगे जारी

मुंबई।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में मुद्रा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने जानकारी दी है कि वित्तीय वर्ष 2028 तक देश में पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों को चरणबद्ध तरीके से जारी करने की योजना है। फिलहाल इन नोटों का विभिन्न शहरों में फील्ड ट्रायल चल रहा है और परीक्षण सफल होने के बाद इन्हें बड़े स्तर पर प्रचलन में लाया जाएगा।

सरकार ने भी संसद में बताया है कि वित्त मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए आरबीआई को मंजूरी दे दी है। शुरुआती चरण में केवल ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे। ट्रायल के तहत आरबीआई 10 रुपये के 1 अरब और 20 रुपये के 1 अरब नोट, यानी कुल 2 अरब प्लास्टिक नोट बाजार में उतारेगा।

क्यों लाए जा रहे हैं प्लास्टिक के नोट?

आरबीआई के अनुसार पॉलीमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ और सुरक्षित होंगे। ये नोट सामान्य नोटों के मुकाबले 2 से 4 गुना अधिक समय तक चलेंगे। साथ ही ये पूरी तरह वॉटरप्रूफ होंगे, जिससे पानी, नमी, पसीने और गंदगी का इन पर असर नहीं पड़ेगा।

नकली नोटों पर लगेगी रोक

पॉलीमर नोटों में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स होंगे, जिनमें पारदर्शी सुरक्षा विंडो और विशेष तकनीक शामिल होगी। इनकी नकल करना बेहद कठिन होगा, जिससे नकली नोटों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

पुराने नोट रहेंगे प्रचलन में

आरबीआई और केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागजी नोटों को बंद करने की कोई योजना नहीं है। नए पॉलीमर नोट मौजूदा नोटों के साथ ही चलेंगे। विभिन्न मौसमों में इनकी मजबूती और उपयोगिता का मूल्यांकन करने के बाद ही आगे के विस्तार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

भारत में वर्तमान में प्रचलित नोट कपास और विशेष फाइबर के मिश्रण से बनाए जाते हैं। अधिक उपयोग के कारण विशेषकर ₹10 और ₹20 के नोट जल्दी फट जाते हैं, इसलिए उनकी जगह अधिक टिकाऊ पॉलीमर नोट लाने की तैयारी की जा रही है।

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