सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा होगी और मजबूत

रानीडांगा में 189 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, अमित शाह ने सुरक्षा ढांचे को बताया अहम कदम

सिलीगुड़ी। पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को रानीडांगा स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर मुख्यालय में करीब 189 करोड़ रुपये की विभिन्न प्रशासनिक और आवासीय परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, दार्जिलिंग सांसद राजू बिस्टा, केंद्रीय गृह सचिव गौरव मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक महेश दीक्षित, सीमा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार और एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

‘ट्रायंगुलर सिक्योरिटी ग्रिड’ से बढ़ेगी निगरानी

अमित शाह ने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने विशेष ‘ट्रायंगुलर सिक्योरिटी ग्रिड’ तैयार किया है। इसके तहत चोपड़ा, किशनगंज और धुबरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निगरानी, सैन्य मौजूदगी और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा को नियमित सैन्य अभ्यासों के साथ और प्रभावी बनाया जा रहा है। रणनीतिक रूप से संवेदनशील इस गलियारे की सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

एसएसबी की भूमिका की सराहना

गृह मंत्री ने एसएसबी के जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की निगरानी में बल महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि खुली और बिना बाड़ वाली सीमाओं पर दिन-रात गश्त करने के साथ पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना चुनौतीपूर्ण कार्य है।

एसएसबी भारत-नेपाल सीमा के करीब 1,751 किलोमीटर और भारत-भूटान सीमा के करीब 699 किलोमीटर हिस्से की सुरक्षा में तैनात है।

सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर भी जोर

केंद्र सरकार की रणनीति में केवल सीमा सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2.0 के तहत बांग्लादेश और भूटान सीमा से लगे गांवों को बेहतर सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का काम भी किया जा रहा है।

नए भवनों से सुरक्षा ढांचे को मिलेगी मजबूती

रानीडांगा में एसएसबी के नए प्रशासनिक भवन के साथ 19वीं बटालियन ठाकुरगंज, 12वीं बटालियन किशनगंज और न्यू जलपाईगुड़ी ट्रांजिट कैंप से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। इन परियोजनाओं से उत्तर बंगाल में एसएसबी की प्रशासनिक क्षमता और परिचालन ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

जमीन उपलब्ध कराने को बताया अहम फैसला

अमित शाह ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराने को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं के लिए लंबे समय से जमीन की जरूरत थी। केंद्र के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े भूमि मामलों को तेजी से आगे बढ़ाया गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में सड़क, रेल, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी सरकार का ध्यान है। उनका कहना था कि मजबूत सुरक्षा ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र को विकास की नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

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