पीएम मोदी से बोले घायल पायलट स्मित मच्छार- मुश्किल वक्त में पढ़ी हनुमान चालीसा, यात्रियों को बचाना था लक्ष्य

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और संकट के दौरान दिखाई गई उनकी सूझबूझ व साहस की सराहना की। मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट के कथित हमले में घायल हुए थे। घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने हमलावर को काबू किया। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।

पीएम से बातचीत में भावुक हुए स्मित

अस्पताल से प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने घटना के बारे में अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में वह हनुमान जी को याद करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। घटना के दौरान भी वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय उनका पूरा ध्यान विमान में सवार लोगों की जान बचाने पर था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के साहस और सूझबूझ की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत के दौरान स्मित भावुक भी हो गए।

घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा

घटना के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित पर हमला किया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे उतरने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया। विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाला और फ्लाइट की आपात लैंडिंग तबुक में कराई गई।

14 हजार फीट से अधिक नीचे आया विमान

रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान विमान कुछ ही समय में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया था, जिससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कैप्टन स्मित के कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला। विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे।

अबूधाबी में चल रहा इलाज

घटना में घायल कैप्टन स्मित का इलाज संयुक्त अरब अमीरात में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। भारतीय राजनयिक अधिकारी लगातार उनके और उनके परिवार के संपर्क में हैं।

पीएम मोदी ने परिवार से भी की बात

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के परिवार से भी बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने स्मित के साहस और जिम्मेदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में स्मित ने भी घटना के दौरान मिले मानसिक संबल और हनुमान चालीसा के पाठ का उल्लेख किया।

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