लाखों दीपों से जगमगा उठा अयोध्या का सरयू घाट
> दीपोत्सव की परंपरा को आगे हमारी सरकार ने आगे बढ़ायाः सीएम योगी
सहारनपुर (रोज़ाना ब्यूरो)। अयोध्या के 10वें दीपोत्सव पर सरयू नदी के 56 घाट 30 लाख मिट्टी के दीपों से जगमगा उठे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम और जानकी की पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या ने ही दुनिया को दीपावली दी थी, दीपोत्सव भी अयोध्या ने दिया है और यहीं से इसे आगे बढ़ाना है। आज आप देख सकते हैं कि लोकतंत्र में आपके वोट की कीमत क्या होती है। किसी शहर, किसी प्रदेश और किसी देश की तस्वीर कैसे बदलती है, ये लोकतंत्र ने कर दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बदलता हुआ भारत, जिसे लोगों ने अविश्वास, अराजकता, आतंकवाद, नक्सलवाद और भ्रष्टाचार का पर्याय बना दिया था। पिछले 12 वर्षों में 140 करोड़ देशवासियों ने देश की इस बदलती तस्वीर को देखा है। ये नया भारत विरासत को बिना भेद-भाव के एक-एक नागरिक तक शासन की योजना को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य कर रहा है। ये नया भारत जो आतंकवाद को भी नेस्तनाबूत करता है, नक्सलवाद को भी दफन करता है और आज अराजकता के खिलाफ भी अपनी लड़ाई को बखूबी बढ़ाने का काम कर रहा है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृ्त्व में विरासत, विकास,लोक कल्याणकारी योजना के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को हर भारतवासी आगे बढ़ाना चाहता है लेकिन दूसरी ओर कोप भवन में बैठे हुए मंथरा और मारीच इस पूरी व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए किसी प्रकार से अराजकता को पैदा करके भारत को अस्त-व्यस्त करने की साजिशें भी रच रहे हैं। ये दीपोत्सव रामभक्तों के लिए एक संदेश है कि चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो, उफनता सागर हो या फिर जंगल जैसी कठिन चुनौतियां, जब नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो, जनता-जनार्दन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में एक संकल्प छिपा हुआ हो, दुनिया की कोई ताकत धर्मेव जयते और सत्यमेव जयते के लक्ष्य को प्राप्त करने में देर नहीं लगा सकती।
मंथरा और मारिज साजिश रच रहे हैंः योगी
सीएम योगी ने कहा कि कोप भवन में बैठे मंथरा और मारिज साजिश रच रहे हैं। राम भक्तों की ताकत को राम को नकारने वाले पहचान गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को बदनाम करने वाले भगवान राम से माफी मांगे। राम भक्तों पर गोली चलवाने वाले अयोध्या आने का सपना देख रहे हैं। ऐसे लोग अयोध्या में आने से पहले संतों से माफी मांगे।
