मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, पांच माह में 400 सैंपल जांच को भेजे

हरिद्वार। खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिलेभर में सघन अभियान चलाया है। पिछले करीब पांच माह में विभाग की टीमों ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के करीब 400 सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। इनमें 246 लीगल और 146 सर्विलांस सैंपल शामिल हैं। लैब रिपोर्ट के आधार पर सीजेएम और एडीएम कोर्ट में 71 वाद दायर किए जा चुके हैं। वहीं, एडीएम कोर्ट में निस्तारित 11 मामलों में कुल 5 लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। तीन मामलों में छह माह की सजा के साथ करीब एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।

पनीर, दूध और मावे पर विशेष निगरानी

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल सैंपलिंग तक सीमित नहीं है। निरीक्षण के दौरान खराब अथवा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया जा रहा है। इनमें पनीर, दूध और मावा प्रमुख हैं। श्यामपुर क्षेत्र में जुलाई में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान करीब 50 किलोग्राम पनीर जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर नष्ट कराया गया था। इसके अलावा पनीर और निर्माण में इस्तेमाल दूध के नमूने जांच के लिए भेजे गए।

इससे पहले फरवरी में सराय क्षेत्र के एक गोदाम से करीब पांच कुंतल पनीर बरामद कर उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। भूपतवाला और दूधाधारी चौक क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान खराब पाया गया करीब डेढ़ किलोग्राम पनीर भी नष्ट कराया गया।

पांच टीमें लगातार कर रहीं जांच

जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की पांच टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। हरिद्वार शहर के अलावा लक्सर, रुड़की, भगवानपुर और झबरेड़ा समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाजारों, डेयरियों, मिठाई की दुकानों, होटल-ढाबों और खाद्य पदार्थ बनाने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए पनीर, मावा, दूध, मक्खन, घी, मिठाइयों के साथ मिर्च-मसालों की सैंपलिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अगस्त में भी विभाग की टीमों ने पनीर, मिठाई की दुकानों और डेयरियों में कार्रवाई की थी। एक निरीक्षण के दौरान गंदे कनस्तरों में बड़ी मात्रा में रसगुल्ले, स्टार्च पाउडर और मिल्क केक रखे मिले थे, जिसके बाद संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया।

नामी प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में बड़े और नामी प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। सिडकुल क्षेत्र में पिज्जा और बर्गर तैयार करने वाले कुछ रेस्टोरेंट में खाद्य लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताएं मिलने के साथ मीट उत्पादों की बिक्री को लेकर भी कार्रवाई की गई। बड़े शॉपिंग मॉल में भी नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। कई प्रतिष्ठानों में गंदगी और एक्सपायरी सामान मिलने पर नोटिस जारी किए गए।

हाल ही में एक नामी कंपनी के घी के सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजे गए। निरीक्षण में लाइसेंस और घी के डिब्बे पर दर्शाए गए मानकों में अनियमितता सामने आने की बात कही गई है। पैकेजिंग पर फिल्म अभिनेत्री की तस्वीर भी पाई गई। विभाग ने संबंधित निर्माण कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

त्योहारी सीजन में बढ़ेगी निगरानी

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एमएन जोशी ने बताया कि कांवड़ यात्रा से लेकर सितंबर तक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान हजारों दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर करीब 400 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें 246 लीगल और 146 सर्विलांस सैंपल हैं। लैब रिपोर्ट के आधार पर 71 वाद सीजेएम और एडीएम कोर्ट में दायर किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि विभाग का मुख्य फोकस दूध से बने खाद्य पदार्थों और मिर्च-मसालों पर है। त्योहारी सीजन को देखते हुए चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार किसी प्रतिष्ठान को उसके नाम या पहचान के आधार पर जांच से बाहर नहीं रखा जा रहा है और सभी स्तर के खाद्य कारोबारियों की नियमानुसार सैंपलिंग की जा रही है।

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