मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर तेज हुआ निर्माण; 2026 के अंत तक वापी-सूरत खंड पूरा होने का लक्ष्य
नई दिल्ली। भारत की बहुप्रतीक्षित पहली बुलेट ट्रेन सेवा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के सूरत-बिलिमोरा खंड पर 2027 में यात्री सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजना की प्रगति और लॉन्च टाइमलाइन को लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस दिशा में निर्माण और परीक्षण से जुड़े काम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
रेल मंत्री के मुताबिक, बुलेट ट्रेन सिस्टम की टेस्टिंग के लिए पहला कोच तैयार हो चुका है। वहीं वापी-सूरत खंड पर सिविल निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद सूरत-बिलिमोरा सेक्शन पर पहली परिचालन सेवा शुरू करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन को अधिकतम 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की योजना है। परियोजना का उद्देश्य मुंबई और अहमदाबाद के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्री कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
508 किलोमीटर लंबा है कॉरिडोर
भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के रूप में विकसित की जा रही है। यह महाराष्ट्र, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरेगा।
परियोजना का निर्माण नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) जापानी तकनीक और वित्तीय सहयोग के साथ कर रहा है। परियोजना की आधारशिला सितंबर 2017 में रखी गई थी।
12 स्टेशनों से जुड़ेगा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें मुंबई का BKC, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
पहले चरण की सेवा पर टिकी नजर
सूरत-बिलिमोरा सेक्शन से परिचालन शुरू होना भारत में हाई-स्पीड रेल युग की शुरुआत का अहम पड़ाव माना जा रहा है। निर्माण कार्य के साथ टेस्टिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। परियोजना के विभिन्न हिस्सों में काम पूरा होने के साथ देश की पहली बुलेट ट्रेन सेवा को लेकर उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।